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अपराध

पति की हत्या के बाद सरकारी मदद को दर दर भटक रही विधवा

31 मार्च को गगहा बाजार में इलेक्ट्रीक की दुकान पर श्रमिक संजय पाण्डेय की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर कर दी थी हत्या

बांसगांव। सात माह पूर्व पति की गोली मारकर हत्या कर देने की घटना के बज्रपात की शिकार एक मजदूर की विधवा और उसके तीन नाबालिग बच्चे सरकारी मदद की मांग करते दर दर को भटक रहे हैं। बताते हैं कि विधवा ने मुख्य मंत्री से भेंटकर तीन बार मदद की गुहार लगा चुकी है, फिर भी उसे आज तक फूटी कौड़ी भी नसीब नहीं हो सकी। उक्त विधवा ने मंगलवार को उप जिलाधिकारी दुर्गेश मिश्रा से भेंटकर उन्हे आपबीती सुनाते सरकार से मदद दिलाने के सम्बंध में एक मांग पत्र भी सौंपा। मगर विधवा को मदद मिलने के बावत उनसे भी कोई ठोस आश्वासन न मिल सका।

गोला थाना क्षेत्र के ग्राम लाहीडाड़ी निवासिनी संजू देवी पत्नी स्व0 संजय पाण्डेय ने उप जिलाधिकारी को पत्रक सौंपने के बाद स्थानीय पत्रकारों के साथ बातचीत में बताया कि उसके पति गगहा बाजार में स्थित शम्भू मौर्या के गीतांजलि इलेक्ट्रीक की दुकान पर बतौर श्रमिक मजदूरी करते थे। विगत 31 मार्च को सायंकाल अज्ञात बदमाशों ने अकारण ही संजय पाण्डेय की गोली मारकर उन्हे मौत के घाट उतार दिया। श्री पाण्डेय की मौत के बाद परिवार पर मानो बज्रपात सा हो गया।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तथा प्रशासन के अनेक अधिकारीयों तथा नेताओं ने मौके वारदात पर पहुंचकर परिजनों को सरकार से आर्थिक सहायता दिलाने के साथ ही एक सदस्य को नौकरी दिलवाने का आश्वासन देते ढांढस बंधाया था। लेकिन सात माह बाद भी उन्हे सरकार की ओर से न तो आर्थिक सहायता मिल सकी, और न ही नौकरी। ऐसी दशा में गरीबी और बेरोजगारी की वजह से पूरा परिवार भारी मुसीबतों का सामना करते दर दर की ठोकरें खाने को विवश है।

संजय की हत्या से बच्चों का भविष्य अंधकार में डूबा

बेकसूर संजय पाण्डेय की हत्या के बाद उनके बीबी बच्चों का भविष्य अंधकार में डूब गया है। एसडीएम कार्यालय के बाहर दो पुत्रियों तथा एक पुत्र के साथ खड़ी 40 वर्षीया विधवा संजू पाण्डेय ने बताया कि उसकी बड़ी पुत्री कु0 स्तुति पाण्डेय 21 वर्ष बीएससी द्वितीय वर्ष तथा दूसरी पुत्री सलोनी पाण्डेय 15 वर्ष कक्षा 11 एवं पुत्र आदित्य पाण्डेय 9 वर्ष कक्षा 3 में पढ़ रहे हैं। संजय पाण्डेय की मजदूरी पर ही परिवार का भरण पोषण निर्भर था। उनकी हत्या के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार का भविष्य अंधकार में डूब गया है। उन्हे सरकार से मदद की सख्त दरकार है।

पीड़िता मुख्य मंत्री से भी लगा चुकी है मदद की गुहार

स्व0 संजय पाण्डेय की विधवा संजू देवी ने बताया कि पति की हत्या की घटना के बाद पिछले सात माह में वह तीन बार मुख्य मंत्री से भेंटकर मदद की गुहार लगा चुकीं हैं। फिर भी आज तक उन्हे कुछ भी नहीं हासिल हो सका। जबकि सौभाग्य से मुख्यमंत्री अपने ही जिले के हैं। मुफलिसी की जिंदगी से ऊब चुकी संजू पाण्डेय ने बिलखते हुए कहा कि यदि सरकार की ओर से उन्हे मदद नहीं उपलब्ध करायी गयी तो, वह अपने तीनों बच्चों के साथ सामूहिक आत्महत्या को विवश हो जाएगी।

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